NCERT Class 6 Hindi Malhar Chapter 8 Question Answer सत्रिया और बिहू नृत्य
(2) मातृभूमि कविता में मुख्य रूप से से
1. भारत की प्रशंसा की गई है।
2. भारत के महापुरूषों की जय की गई है।
3. भारत की प्राकृतिक सुंदरता की सराहना की गई है।
4. भारतवासियों की वीरता का बखान किया गया है।
उत्तर – भारत की प्राकृतिक सुंदरता की सराहना की गई है।
(ख) अब अपने मित्रों के साथ चर्चा कीजिए और कारण बताइए कि आपने ये उत्तर ही क्यों चुने?
पाठ में से चुनकर कुछ शब्द नीचे दिए गए हैं। अपने समूह में इन पर चर्चा कीजिए और इन्हें इनके सही अर्थों या संदर्भों से मिलाइए। इसके लिए आप शब्दकोश, इंटरनेट या अपने शिक्षकों की सहायता ले सकते हैं।
| शब्द | अर्थ या संदर्भ |
| 1. हिमालय | 10. भारत की उत्तरी सीमा पर फैली पर्वत-माला। |
| 2. त्रिवेणी | 4. तीन नदियों की मिली हुई धारा, संगम |
| 3. मलय पवन | 6. दक्षिणी भारत के मलय पर्वत से चलने वाली |
| 4. सिंधु | 8. समुद्र, एक नदी का नाम |
| 5. गंगा-यमुना | 3.भारत की प्रसिद्ध नदियाँ |
| 6. रघुपति | 5. श्री रामचंद्र का एक नाम, दशरथ के पुत्र |
| 7. श्रीकृष्ण | 2.वसुदेव के पुत्र वासुदेव |
| 8. सीता | 9. जनक की पुत्री जानकी। |
| 9. गीता | 7. एक प्रसिद्ध और प्राचीन ग्रंथ श्रीमद्भगवदगीता’, इसमें वे प्रश्न-उत्तर और संवाद हैं जो महाभारत में श्री कृष्ण और अर्जुन के बीच च हुए थे। |
| 10. गौतम बुद्ध | 1. एक प्रसिद्ध महापुरुष, बौद्ध धर्म के प्रवर्तक। |
कविता में से चुनकर कुछ पंक्तियाँ नीचे दी गई हैं। इन्हें ध्यान से पढ़िए और इन पर विचार कीजिए। आपको इनका क्या अर्थ समझ में आया? अपने विचार कक्षा में अपने समूह में साझा कीजिए और अपनी लेखन पुस्तिका में लिखिए-
“वह युद्ध-भूमि मेरी, वह बुद्ध-भूमि मेरी।
वह मातृभूमि मेरी, वह जन्मभूमि मेरी।”
उत्तर – इन पंक्तियों में कवि ने अपनी मातृभूमि भारत के गौरव और महानता का वर्णन किया है। कवि कहता है कि भारत वह भूमि है जहाँ वीरों ने देश की रक्षा के लिए युद्ध किए और भगवान बुद्ध ने शांति तथा अहिंसा का संदेश दिया। कवि को अपनी मातृभूमि पर गर्व है, क्योंकि यही उसकी जन्मभूमि भी है। इन पंक्तियों से हमें अपनी मातृभूमि से प्रेम करने और उसके प्रति सम्मान रखने की प्रेरणा मिलती है।
(क) कविता को एक बार फिर से पढ़िए और निम्नलिखित के बारे में पता लगाकर अपनी लेखन पुस्तिका में लिखिए।
1.) कोयल कहाँ रहती है?
2.) तन-मन कौन सँवारती है?
3.) झरने कहाँ से झरते हैं?
4.) श्रीकृष्ण ने क्या सुनाया था?
5.) गौतम ने किसका यश बढ़ाया?
(ख) ‘नदियाँ लहर रही हैं
पग पग छहर रही हैं”
‘लहर’ का अर्थ होता। है पानी का हिलोरा, मौज, उमंग, वेग, जोश
‘छहर’ का अर्थ होता है- बिखरना, छितराना, छिटकना, फैलना
कविता पढ़कर पता लगाइए और लिखिए –
कहाँ-कहाँ छटा छहर रही है?
किसका पानी लहर रहा है?
स्तंभ । और स्तंभ 2 में कुछ पंक्तियाँ दी गई हैं। मिलते-जुलते भाव वाली पंक्तियों को रेखा खींचकर जोड़िए-
उत्तर –
| स्तंभ 1 | स्तंभ 2 |
| 1. वह जन्मभूमि मेरी वह मातृभूमि मेरी। | 2. मैंने उस भूमि पर जन्म लिया है। वह भूमि मेरी माँ समान है। |
| 2. चिड़ियाँ चहक रही हैं, हो मस्त झाड़ियों में। | 3.वहाँ की जलवायु इतनी सुखदायी है कि पक्षी पेड़-पौधों के बीच प्रसन्नता से गीत गा रहे हैं। |
| 3. अमराइयाँ घनी हैं कोयल पुकारती है | 1. यहाँ आम के घने उद्यान हैं जिनमें कोयल आदि पक्षी चहचहा रहे हैं। |
नीचे शब्दों से जुड़ी कुछ गतिविधियाँ दी गई हैं। इन्हें करने के लिए आप शब्दकोश, अपने शिक्षकों और साथियों की सहायता भी ले सकते हैं।
(क) नीचे दी गई पंक्तियों को पढ़िए-
“जगमग छटा निराली,
पग पग छहर रही हैं”
इन पंक्तियों में ‘पग’ शब्द दो बार आया है। इसका अर्थ है ‘हर पग’ या ‘हर कदम पर।
शब्दों के ऐसे ही कुछ जोड़े नीचे दिए गए हैं। इनके अर्थ लिखिए—
घर-घर – हर एक घर में
उत्तर – प्रत्येक घर में (जैसे: दिवाली पर घर-घर में दीपक जलाए जाते हैं।)
बाल-बाल – पूरी तरह से
उत्तर – बहुत मामूली अंतर से (जैसे: दुर्घटना में वह बाल-बाल बच गया।)
साँस-साँस – हर एक साँस में
उत्तर – जीवन के प्रत्येक क्षण में (जैसे: ईश्वर का नाम हमारी साँस-साँस में बसा होना चाहिए।)
देश-देश – प्रत्येक देश में
उत्तर – हर एक देश में (जैसे: भारत का गौरव अब देश-देश में फैल रहा है।)
पर्वत-पर्वत – हर एक पर्वत पर
उत्तर – प्रत्येक पहाड़ पर (जैसे: प्रकृति की सुंदरता पर्वत-पर्वत पर बिखरी हुई है।)
(ख) “वह युद्ध-भूमि मेरी
वह बुद्ध-भूमि मेरी”
कविता में ‘भूमि’ शब्द में अलग-अलग शब्द जोड़कर नए-नए शब्द बनाए गए हैं। आप भी कुछ नए शब्द बनाइए और उनके अर्थ पता कीजिए-
(संकेत- तप, देव, भारत, जन्म, कर्म, कर्तव्य, मरु, मलय, मल्ल, यज्ञ, रंग, रण, सिद्ध आदि)
उत्तर –
देवभूमि – जिस भूमि पर देवताओं का वास होता है (यानी देवताओं की पवित्र धरती)।
भारतभूमि – हमारे प्यारे भारत देश की पावन भूमि (हमारी मातृभूमि)।
जन्मभूमि – वह स्थान या धरती जहाँ हमारा जन्म होता है (पैदाइश की जगह)।
कर्मभूमि – वह स्थान जहाँ हम रहकर अपना कार्य या कर्तव्य पूरा करते हैं।
मरुभूमि – वह स्थान जहाँ हर जगह सिर्फ रेत ही रेत होती है (जैसे रेगिस्तान या मरुस्थल)।
रणभूमि – वह मैदान या स्थान जहाँ युद्ध लड़ा जाता है (युद्ध करने की भूमि)।
नीचे दी गई पंक्तियों को पढ़िए
“जग को दया सिखाई,
जग को दिया दिखाया।”
‘दया’ और ‘दिया’ में केवल एक मात्रा का अंतर है, लेकिन इस एक मात्रा के कारण शब्द का अर्थ पूरी तरह बदल गया है। आप भी अपने समूह में मिलकर ऐसे शब्दों की सूची बनाइए जिनमें केवल एक मात्रा का अंतर हो, जैसे घड़ा-घड़ी।
उत्तर –
वार – प्रहार
वर – आशीर्वाद
रात – रात्रि
रत – मग्न
मन – दिल
मान – सम्मान
पाठ से आगे
श्रीकृष्ण ने सुनाई
वंशी पुनीत गीता
‘वंशी’ बाँसुरी को कहते हैं। यह मुँह नीचे फूंक कर बजाया जाने वाला एक ‘वाद्य’ यानी बाजा है। नीचे फूक कर बजाए जाने वाले वाले कुछ वाद्यों के चित्र दिए गए हैं। इनके नाम शब्द-जाल से खोजिए और सही चित्र के नीचे लिखिए।
उत्तर –
अलगोजा
बीन
बासुरी
सिंही
शहनाई
नादस्वरम
भंकोरा
शंख
आज हम आपके लिए एक अनोखी पहेली लाए हैं। नीचे कुछ अक्षर दिए गए हैं। मिलाकर कोई सार्थक शब्द बनाइए। अक्षरों को आगे-पीछे बदला जा सकता है यानी उनका क्रम बदला जा सकता हैं। आप अपने मन से किसी भी अक्षर के साथ कोई मात्रा भी लगा सकते हैं। बना दिया है।
उत्तर –
1) स म ह ग र – महासागर
2) ह म य ल – हिमालय
3) ग ग – गंगा
4) भतर – भारत
5) लकय – कोयल
6) वनप – पवन
📖 कविता की शुरुआती पंक्तियों का सरल भावार्थ (सारांश)
सारांश:
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