NCERT Class 6 Hindi Malhar Chapter 8 Question Answer सत्रिया और बिहू नृत्य

Image
NCERT Class 6 Hindi Malhar Chapter 8 Question Answer सत्रिया और बिहू नृत्य 📖 अध्याय परिचय — सत्रिया और बिहू नृत्य “सत्रिया और बिहू नृत्य” पाठ असम की समृद्ध संस्कृति और वहाँ के प्रसिद्ध नृत्य-रूपों से परिचित कराता है। इस पाठ में सत्रिया नृत्य की भक्ति एवं शास्त्रीय परंपरा तथा बिहू नृत्य की उत्सव और आनंद से जुड़ी परंपरा का वर्णन किया गया है। पाठ के माध्यम से हमें भारत की विविध सांस्कृतिक परंपराओं, नृत्य और संगीत के महत्व को समझने का अवसर मिलता है। पाठ से आइए, अब हम इस पाठ को थोड़ा और निकटता से समझ लेते हैं। आगे दी गई गतिविधियाँ इस कार्य में आपकी सहायता करेंगी। मेरी समझ से (क) नीचे दिए गए प्रश्नों का सटीक उत्तर कौन – सा है? उसके सामने तारा (★) बनाइए— प्रश्न 1. माँ एलेसेंड्रा के बारे में कौन- -सा कथन सत्य है? • वे असम के जीवन के बारे में बहुत-कुछ जानती थीं। • उन्हें असम, बिहू और सत्रिया नृत्य से बहुत प्रेम था। • उन्होंने एंजेला को कुछ असमिया शब्द भी सिखाए। • वे अपने कार्य में सहायता के लिए बेटी को लाई थीं। उत्तर: • वे असम के जीवन के बारे में बहुत-कुछ जानती थीं। प्रश्न 2. “अनु और एंजेल...

Class 6 Hindi Chapter 1 Matarbhumi Question Answer & Solution

Class 6 Hindi Malhar Chapter 1 Matrabhumi Question and Answer


पाठ से


आइए, अब हम इस कविता पर विस्‍तार से चर्चा करें। आगे दी गई गतिविधियाँ इस कार्य में आपकी सहायता करेंगी।

मेरी समझ से

(क) नीचे दिए गए प्रश्‍नों का सटीक उत्तर कौन-सा है? उसके सामने तारा बनाइए— 

(1) हिन्द महासागर के लिए कविता में कौन-सा शब्द आया है ? 
  1. चरण             2. वंशी 
  3. हिमालय        4. सिंधु
उत्तर – सिंधु

(2) मातृभूमि कविता में मुख्य रूप से से

1. भारत की प्रशंसा की गई है।

2. भारत के महापुरूषों की जय की गई है।

3. भारत की प्राकृतिक सुंदरता की सराहना की गई है।

4. भारतवासियों की वीरता का बखान किया गया है।

उत्तर – भारत की प्राकृतिक सुंदरता की सराहना की गई है।

(ख) अब अपने मित्रों के साथ चर्चा कीजिए और कारण बताइए कि आपने ये उत्तर ही क्यों चुने?

उत्तर – हमने अपने मित्रों के साथ चर्चा की और ऊपर दिए गए विकल्पों को चुनने के निम्नलिखित मुख्य कारण पाए:
(1) 'सिंधु' शब्द चुनने का कारण:
  • कविता की पंक्तियों में भारत देश की भौगोलिक स्थिति का वर्णन किया गया है। भारत के दक्षिण में स्थित हिंद महासागर को दर्शाने के लिए कवि ने 'सिंधु' शब्द का प्रयोग किया है, जिसका अर्थ ही 'समुद्र या विशाल सागर' होता है। बाकी के तीन विकल्प (चरण, वंशी, हिमालय) महासागर का प्रतीक नहीं हैं, इसलिए 'सिंधु' ही सबसे सटीक उत्तर है।
(2) 'भारत की प्राकृतिक सुंदरता की सराहना की गई है' चुनने का कारण:
  • पूरी कविता को पढ़ने से यह साफ पता चलता है कि राष्ट्रकवि सोहनलाल द्विवेदी जी ने मुख्य रूप से भारत के ऊँचे हिमालय पर्वत, कल-कल करती नदियों (त्रिवेणी), झरनों, हरे-भरे खेतों और अमराइयों (आम के बागों) का बहुत ही सजीव और सुंदर वर्णन किया है। यद्यपि कविता में महापुरुषों और वीरता का भी थोड़ा संकेत है, लेकिन कविता का मुख्य भाव भारत माता के इसी अनूठे प्राकृतिक सौंदर्य के इर्द-गिर्द घूमता है। इसलिए हमने इस उत्तर को चुना है।

मिलकर करें मिलान

पाठ में से चुनकर कुछ शब्द नीचे दिए गए हैं। अपने समूह में इन पर चर्चा कीजिए और इन्हें इनके सही अर्थों या संदर्भों से मिलाइए। इसके लिए आप शब्दकोश, इंटरनेट या अपने शिक्षकों की सहायता ले सकते हैं।

उत्तर –

शब्दअर्थ या संदर्भ
1. हिमालय10. भारत की उत्तरी सीमा पर फैली पर्वत-माला।
2. त्रिवेणी4. तीन नदियों की मिली हुई धारा, संगम
3. मलय पवन6. दक्षिणी भारत के मलय पर्वत से चलने वाली
4. सिंधु8. समुद्र, एक नदी का नाम
5. गंगा-यमुना3.भारत की प्रसिद्ध नदियाँ
6. रघुपति5. श्री रामचंद्र का एक नाम, दशरथ के पुत्र
7. श्रीकृष्ण2.वसुदेव के पुत्र वासुदेव
8. सीता9. जनक की पुत्री जानकी।
9. गीता7. एक प्रसिद्ध और प्राचीन ग्रंथ श्रीमद्भगवदगीता’, इसमें वे प्रश्न-उत्तर और संवाद हैं जो महाभारत में श्री कृष्ण और अर्जुन के बीच च हुए थे।
10. गौतम बुद्ध1. एक प्रसिद्ध महापुरुष, बौद्ध धर्म के प्रवर्तक।

पंक्तियों पर चर्चा

कविता में से चुनकर कुछ पंक्तियाँ नीचे दी गई हैं। इन्हें ध्यान से पढ़िए और इन पर विचार कीजिए। आपको इनका क्या अर्थ समझ में आया? अपने विचार कक्षा में अपने समूह में साझा कीजिए और अपनी लेखन पुस्तिका में लिखिए-

“वह युद्ध-भूमि मेरी, वह बुद्ध-भूमि मेरी।

वह मातृभूमि मेरी, वह जन्मभूमि मेरी।”

उत्तर – इन पंक्तियों में कवि ने अपनी मातृभूमि भारत के गौरव और महानता का वर्णन किया है। कवि कहता है कि भारत वह भूमि है जहाँ वीरों ने देश की रक्षा के लिए युद्ध किए और भगवान बुद्ध ने शांति तथा अहिंसा का संदेश दिया। कवि को अपनी मातृभूमि पर गर्व है, क्योंकि यही उसकी जन्मभूमि भी है। इन पंक्तियों से हमें अपनी मातृभूमि से प्रेम करने और उसके प्रति सम्मान रखने की प्रेरणा मिलती है।

सोच-विचार के लिए

(क) कविता को एक बार फिर से पढ़िए और निम्नलिखित के बारे में पता लगाकर अपनी लेखन पुस्तिका में लिखिए।

1.) कोयल कहाँ रहती है?

उत्तर – कविता 'मातृभूमि' के अनुसार, कोयल अमराइयों (आम के बागों) में रहती है और वहाँ बैठकर मीठे स्वर में कूकती (गाती) है।

(छात्रों के लिए आसान भाषा में: अमराई का अर्थ होता है आम का बगीचा। कविता में कवि ने बताया है कि हमारे देश के आम के बागों में कोयल अपनी मीठी आवाज़ में गीत गाती है।)

2.) तन-मन कौन सँवारती है?

उत्तर – कविता 'मातृभूमि' के अनुसार, हमारी मातृभूमि से बहने वाली पवित्र नदियाँ (जैसे गंगा, यमुना और त्रिवेणी) अपने शीतल और स्वच्छ जल से हमारा तन-मन सँवारती हैं।
(छात्रों के लिए आसान भाषा में: हमारे देश की पवित्र नदियों का पानी यहाँ की धरती को उपजाऊ और हरा-भरा बनाता है, जिससे मिलने वाले अन्न और जल से हमारा शरीर (तन) और विचार (मन) दोनों स्वस्थ और सुंदर बनते हैं।)

3.) झरने कहाँ से झरते हैं?

उत्तर – कविता 'मातृभूमि' के अनुसार, झरने पहाड़ों (ऊँची पहाड़ियों और पर्वतों) की चट्टानों से नीचे झरते हैं।
(छात्रों के लिए आसान भाषा में: जब पहाड़ों के ऊपर से पानी की धाराएँ नीचे गिरती हैं, तो वे सुंदर झरनों का रूप ले लेती हैं। कविता में कवि ने भारत की पहाड़ियों से कल-कल करते हुए बहने वाले इन्हीं मनमोहक झरनों का वर्णन किया है।)

4.) श्रीकृष्ण ने क्या सुनाया था?

उत्तर – कविता 'मातृभूमि' के अनुसार, भगवान श्रीकृष्ण ने इस पवित्र धरती पर गीता का दिव्य उपदेश (ज्ञान) और अपनी वंशी (बांसुरी) की मधुर तान सुनाई थी।

(छात्रों के लिए आसान भाषा में: श्रीकृष्ण ने कुरुक्षेत्र के मैदान में अर्जुन को गीता का ज्ञान सुनाया था, जिसने पूरी दुनिया को कर्म का सही रास्ता दिखाया। साथ ही, उन्होंने अपनी बांसुरी बजाकर सभी के मन को मोह लिया था।)

5.) गौतम ने किसका यश बढ़ाया?

उत्तर – कविता 'मातृभूमि' के अनुसार, महात्मा गौतम बुद्ध ने दया, करुणा और शांति का संदेश देकर अपनी मातृभूमि (भारत देश) का यश पूरी दुनिया में बढ़ाया।
(छात्रों के लिए आसान भाषा में: गौतम बुद्ध ने पूरी दुनिया को सत्य, अहिंसा और जीवों पर दया करने का मार्ग दिखाया। उनके इस महान ज्ञान के कारण ही विश्व भर में भारत भूमि का नाम और सम्मान (यश) बहुत ऊँचा हुआ।)

(ख) ‘नदियाँ लहर रही हैं

पग पग छहर रही हैं”

‘लहर’ का अर्थ होता। है पानी का हिलोरा, मौज, उमंग, वेग, जोश

‘छहर’ का अर्थ होता है- बिखरना, छितराना, छिटकना, फैलना

कविता पढ़कर पता लगाइए और लिखिए – 

कहाँ-कहाँ छटा छहर रही है?

किसका पानी लहर रहा है?

प्रश्न (1) कहाँ-कहाँ छटा छहर रही है?
  • उत्तर – कविता के अनुसार, हमारी मातृभूमि के कण-कण में, हरे-भरे खेतों में, ऊँचे पर्वतों पर, अमराइयों (आम के बागों) में और पवित्र नदियों के तटों पर चारों ओर प्रकृति की सुंदर छटा (सुंदरता) छहर रही है (यानी बिखर रही है)। भारत भूमि का पूरा वातावरण ही इस प्राकृतिक सौंदर्य से सराबोर है।
प्रश्न (2) किसका पानी लहर रहा है?
  • उत्तर – कविता के अनुसार, भारत भूमि पर बहने वाली गंगा, यमुना और सरयू जैसी पवित्र नदियों का जल और दक्षिण में स्थित विशाल हिंद महासागर (सिंधु) का पानी निरंतर लहर रहा है (यानी मौज और उमंग के साथ हिलोरे ले रहा है)।

मिलान

स्तंभ । और स्तंभ 2 में कुछ पंक्तियाँ दी गई हैं। मिलते-जुलते भाव वाली पंक्तियों को रेखा खींचकर जोड़िए-

उत्तर –

स्तंभ 1स्तंभ 2
1. वह जन्मभूमि मेरी

वह मातृभूमि मेरी।

2. मैंने उस भूमि पर जन्म लिया है। वह भूमि मेरी माँ समान है।
2. चिड़ियाँ चहक रही हैं,

हो मस्त झाड़ियों में।

3.वहाँ की जलवायु इतनी सुखदायी है कि पक्षी पेड़-पौधों के बीच प्रसन्नता से गीत गा रहे हैं।
3. अमराइयाँ घनी हैं

कोयल पुकारती है

1. यहाँ आम के घने उद्यान हैं जिनमें कोयल आदि पक्षी चहचहा रहे हैं।

शब्दों के रूप

नीचे शब्दों से जुड़ी कुछ गतिविधियाँ दी गई हैं। इन्हें करने के लिए आप शब्दकोश, अपने शिक्षकों और साथियों की सहायता भी ले सकते हैं।

(क) नीचे दी गई पंक्तियों को पढ़िए-
“जगमग छटा निराली,
पग पग छहर रही हैं”

इन पंक्तियों में ‘पग’ शब्द दो बार आया है। इसका अर्थ है ‘हर पग’ या ‘हर कदम पर।
शब्दों के ऐसे ही कुछ जोड़े नीचे दिए गए हैं। इनके अर्थ लिखिए—

घर-घर – हर एक घर में 
उत्तर – प्रत्येक घर में (जैसे: दिवाली पर घर-घर में दीपक जलाए जाते हैं।)


बाल-बाल – पूरी तरह से 
उत्तर – बहुत मामूली अंतर से (जैसे: दुर्घटना में वह बाल-बाल बच गया।)


साँस-साँस – हर एक साँस में 
उत्तर – जीवन के प्रत्येक क्षण में (जैसे: ईश्वर का नाम हमारी साँस-साँस में बसा होना चाहिए।)


देश-देश – प्रत्येक देश में 
उत्तर – हर एक देश में (जैसे: भारत का गौरव अब देश-देश में फैल रहा है।)


पर्वत-पर्वत – हर एक पर्वत पर
उत्तर – प्रत्येक पहाड़ पर (जैसे: प्रकृति की सुंदरता पर्वत-पर्वत पर बिखरी हुई है।)

(ख) “वह युद्ध-भूमि मेरी

वह बुद्ध-भूमि मेरी”

कविता में ‘भूमि’ शब्द में अलग-अलग शब्द जोड़कर नए-नए शब्द बनाए गए हैं। आप भी कुछ नए शब्द बनाइए और उनके अर्थ पता कीजिए-

(संकेत- तप, देव, भारत, जन्म, कर्म, कर्तव्य, मरु, मलय, मल्ल, यज्ञ, रंग, रण, सिद्ध आदि)

उत्तर – 

देवभूमि – जिस भूमि पर देवताओं का वास होता है (यानी देवताओं की पवित्र धरती)।

भारतभूमि – हमारे प्यारे भारत देश की पावन भूमि (हमारी मातृभूमि)।

जन्मभूमि – वह स्थान या धरती जहाँ हमारा जन्म होता है (पैदाइश की जगह)।

कर्मभूमि – वह स्थान जहाँ हम रहकर अपना कार्य या कर्तव्य पूरा करते हैं

मरुभूमि – वह स्थान जहाँ हर जगह सिर्फ रेत ही रेत होती है (जैसे रेगिस्तान या मरुस्थल)।

रणभूमि – वह मैदान या स्थान जहाँ युद्ध लड़ा जाता है (युद्ध करने की भूमि)।

थोड़ा भिन्न, थोड़ा समान

नीचे दी गई पंक्तियों को पढ़िए

“जग को दया सिखाई,

जग को दिया दिखाया।”

‘दया’ और ‘दिया’ में केवल एक मात्रा का अंतर है, लेकिन इस एक मात्रा के कारण शब्द का अर्थ पूरी तरह बदल गया है। आप भी अपने समूह में मिलकर ऐसे शब्दों की सूची बनाइए जिनमें केवल एक मात्रा का अंतर हो, जैसे घड़ा-घड़ी।

उत्तर – 

वार – प्रहार

वर – आशीर्वाद

रात – रात्रि

रत – मग्न

मन – दिल

मान – सम्मान

पाठ से आगे

वंशी-से

श्रीकृष्ण ने सुनाई

वंशी पुनीत गीता

‘वंशी’ बाँसुरी को कहते हैं। यह मुँह नीचे फूंक कर बजाया जाने वाला एक ‘वाद्य’ यानी बाजा है। नीचे फूक कर बजाए जाने वाले वाले कुछ वाद्यों के चित्र दिए गए हैं। इनके नाम शब्द-जाल से खोजिए और सही चित्र के नीचे लिखिए।

उत्तर – 

अलगोजा
बीन
बासुरी
सिंही
शहनाई
नादस्वरम
भंकोरा
शंख

आज की पहेली

आज हम आपके लिए एक अनोखी पहेली लाए हैं। नीचे कुछ अक्षर दिए गए हैं। मिलाकर कोई सार्थक शब्द बनाइए। अक्षरों को आगे-पीछे बदला जा सकता है यानी उनका क्रम बदला जा सकता हैं। आप अपने मन से किसी भी अक्षर के साथ कोई मात्रा भी लगा सकते हैं। बना दिया है।

उत्तर – 

1) स म ह ग र – महासागर

2) ह म य ल – हिमालय

3) ग ग – गंगा

4) भतर – भारत

5) लकय – कोयल

6) वनप – पवन

📖 कविता की शुरुआती पंक्तियों का सरल भावार्थ (सारांश)

ऊँचा खड़ा हिमालय 
आकाश चूमता है,
नीचे चरण तले झुक, 
नित सिंधु झूमता है।
सारांश:
इन पंक्तियों में कवि ने भारत की प्राकृतिक सुंदरता और महानता का वर्णन किया है। कवि कहता है कि भारत के उत्तर में हिमालय बहुत ऊँचा खड़ा होकर आकाश को छूता हुआ दिखाई देता है। उसके नीचे समुद्र अपनी लहरों के साथ झूमता हुआ मानो हिमालय के चरणों में झुक रहा हो। इन पंक्तियों में भारत की भव्य प्राकृतिक छवि प्रस्तुत की गई है।
गंगा, यमुना, त्रिवेणी 
नदियाँ लहर रही हैं, 
जगमग छटा निराली, 
पग-पग छहर रही हैं। 
सारांश:
इन पंक्तियों में कवि भारत की पवित्र नदियों और मनमोहक प्राकृतिक दृश्य का वर्णन करता है। गंगा और यमुना जैसी नदियाँ अपने प्रवाह से धरती की शोभा बढ़ाती हैं। चारों ओर प्रकृति की सुंदर और आकर्षक छटा दिखाई देती है, जिससे भारत की धरती बहुत मनमोहक लगती है।
वह पुण्यभूमि मेरी, 
वह स्वर्णभूमि मेरी।
वह जन्मभूमि मेरी, 
वह मातृभूमि मेरी।
सारांश:
इन पंक्तियों में कवि अपनी मातृभूमि भारत के प्रति प्रेम और गर्व व्यक्त करता है। कवि भारत को पवित्र और समृद्ध भूमि मानता है। यही उसकी जन्मभूमि और मातृभूमि है, इसलिए वह अपने देश से गहरा लगाव रखता है और उसकी महानता पर गर्व करता है।
झरने अनेक झरते 
जिसकी पहाड़ियों में,
चिड़ियाँ चहक रही हैं, 
हो मस्त झाड़ियों में।
सारांश:
इन पंक्तियों में कवि भारत की प्राकृतिक सुंदरता का वर्णन करता है। भारत की पहाड़ियों से अनेक झरने बहते हैं। हरी-भरी झाड़ियों में पक्षी प्रसन्न होकर चहचहाते हैं। इस सुंदर प्राकृतिक वातावरण से भारत की धरती बहुत मनमोहक दिखाई देती है।
अमराइयाँ घनी हैं, 
कोयल पुकारती है, 
बहती मलय पवन है, 
न-मन सँवारती है। 
सारांश:
इन पंक्तियों में कवि भारत की प्राकृतिक सुंदरता का वर्णन करता है। यहाँ घने आम के बगीचे हैं, जहाँ कोयल मधुर स्वर में बोलती है। सुगंधित हवा बहकर वातावरण को सुखद बनाती है और तन-मन को प्रसन्न कर देती है।
वह धर्मभूमि मेरी, 
वह कर्मभूमि मेरी। 
वह जन्मभूमि मेरी, 
वह मातृभूमि मेरी।  

सारांश:

इन पंक्तियों में कवि अपनी मातृभूमि भारत के प्रति प्रेम और गर्व व्यक्त करता है। वह भारत को धर्म और कर्म की पवित्र भूमि मानता है। यही उसकी जन्मभूमि और मातृभूमि है, इसलिए उसे अपने देश से बहुत प्रेम है।

जन्मे जहाँ थे रघुपति, 
जन्मी जहाँ थी सीता,
श्रीकृष्ण ने सुनाई, 
वंशी पुनीत गीता।

सारांश:
इन पंक्तियों में कवि भारत की धार्मिक और आध्यात्मिक महत्ता का वर्णन करता है। भारत वह पवित्र भूमि है जहाँ भगवान राम और माता सीता का जन्म हुआ। इसी भूमि पर भगवान श्रीकृष्ण ने अपने ज्ञान और धर्म का संदेश दिया।

गौतम ने जन्म लेकर, 
जिसका सुयश बढ़ाया, 
जग को दया सिखाई, 
जग को दिया दिखाया।

सारांश:
इन पंक्तियों में कवि गौतम बुद्ध की महानता का वर्णन करता है। बुद्ध ने भारत की धरती पर जन्म लेकर उसका गौरव बढ़ाया। उन्होंने संसार को दया, करुणा और प्रेम का मार्ग दिखाया तथा लोगों को मानवता की सीख दी।

वह युद्धभूमि मेरी, 
वह बुद्धभूमि मेरी।
वह मातृभूमि मेरी, 
वह जन्मभूमि मेरी।

सारांश:
इन पंक्तियों में कवि भारत की वीरता और शांति दोनों का वर्णन करता है। भारत की भूमि पर वीरों ने धर्म और देश की रक्षा के लिए संघर्ष किया, वहीं गौतम बुद्ध ने शांति, दया और अहिंसा का संदेश दिया। कवि को अपनी जन्मभूमि और मातृभूमि पर गर्व है।

Comments

Popular posts from this blog

Haar Ki Jeet Question Answer Class 6 Hindi Malhar Chapter 4 Ncert

Meri Maa Question Answer Class 6 Hindi MalharChapter 6 Ncert

Ncert Class 6 Hindi Malhar Chapter 2 Question Answer Gol